लाहौल स्पीति
लाहौल और स्पीति वैली....स्पीति सर्किट के बारे मे जानकारी....
अकसर लोग मेरे से पूछते हैँ की स्पीति जाना हैँ या लाहौल जाना हैँ तब मै पूछता हूँ की लाहौल और स्पीति मे कहा जाना हैँ इस पर लोग कंफ्यूज हो जाते हैँ उनको लगता हैँ की ये दोनों एक पर्टिकुलर प्लेसेस हैँ.... लेकिन ऐसा नहीं हैँ आज मै बताता हूँ इसके बारे मे...लाहौल और स्पीति मिलाकर हिमाचल का एक जिला बनता हैँ, लाहौल वैली अलग हैँ और स्पीति वैली अलग हैँ, ये हिमाचल और भारत के सबसे रिमोट जिले मे से एक हैँ, सर्दियों मे यहॉ - 25 डिग्री तक तापमान चला जाता हैँ, आज मै आपको बताता हूँ की ये जिले की सीमाएं कहा से शुरू होती हैँ और कहा समाप्त...
स्पीति और स्पीति वैली....
अगर हम चंडीगढ़ या शिमला से जाते हैँ तो सबसे पहले शिमला जिला आता हैँ उसके बाद किन्नौर जिला, किन्नौर जिले मे सांगला, चित्तकुल, रक्षाम, रिकॉन्गपीओ, कल्पा, नाको आदि आते हैँ....शिमला - काज़ा हाईवे पर एक जगह आती हैँ " सुमदो" वहा पर दोनों जिले की सीमाएं शुरू व समाप्त होती हैँ मतलब पुहु, स्पीलो, नाको होते हुए जब सुमदो पहुंचेंगे तो किन्नौर जिले की सीमा समाप्त हो जाएगी और वहा से स्पीति शुरू हो जायेगा...
सुमदो से ताबो, ढकर, होते हुए स्पीति के मुख्यालय " काज़ा" पहुंचते हैँ काजा करीब समुद्र तल से 4000 मीटर पर स्थित हैँ... काज़ा मे दुनिया का सबसे ऊँचा पेट्रोल पंप हैँ...
हिक्किम, कॉमिक और लांगजा, किब्बर ...
ये गाँव स्पीति वैली के सबसे ऊँचाई वाले स्थानों पर हैँ इनकी ऊँचाई समुद्र तल से करीब 4500- 4600 मीटर तक हैँ और यहॉ सर्दियों मे यहॉ का तापमान - 25 डिग्री तक चला जाता हैँ, हिक्किम मे दुनिया का सबसे ऊँचाई वाला पोस्ट ऑफिस हैँ तो कॉमिक को दुनिया का सबसे ऊँचा गाँव का दर्जा प्राप्त हैँ...
चिचम ब्रिज, लोसर, कुंज़ूम पास...
जब हम काज़ा से मनाली की तरफ जाते हैँ तब रास्ते मे किब्बर गाँव और चिचम ब्रिज आता हैँ किब्बर गाँव इस एरिया का सबसे बड़ा गाँव हैँ और चिचम ब्रिज दुनिया का सबसे ऊँचाई पर बना झूला पुल हैँ.. ये ब्रिज चिचम और किब्बर गाँव को आपस मे जोड़ता हैँ... चिचम ब्रिज से आगे आता हैँ लोसर... लोसर से सडक ऐसी शुरू हो जाती हैँ की जो शब्दों मे बया नहीं की जा सकती उसको केवल आप एक बार जाकर ही महसूस कर सकते हैँ, गाडी यहॉ 10- से 15 की स्पीड से चलती हैँ... लोसर से ग्राफू करीब 80 km. हैँ और ये सफर करीब 7 से 8 घंटो मे पूरा होता हैँ... ये दुनिया की सबसे रिमोट सडक मे से एक हैँ...
खैर बात करते हैँ लोसर से कुंज़ूम पास की... जब चिचम से लोसर होते हुए मनाली की तरफ जाते हैँ तब इस मार्ग का सबसे ऊँचा पास आता हैँ जिसका नाम हैँ कुंज़ूम पास ये समुन्द्र तल से करीब 4700 मीटर की ऊँचाई पर हैँ, इसी जगह से स्पीति और लाहौल की सीमाएं शुरू और समाप्त हो जाती हैँ... मतलब स्पीति की सीमा शिमला- काज़ा हाईवे मे "सुमदो" से शुरू होती हैँ और काज़ा- मनाली हाईवे पर कुंज़ूम पास के आसपास समाप्त होती हैँ...
लाहौल और लाहौल वैली...
जैसे मैंने बताया था की लाहौल और स्पीति मिलाकर हिमाचल का एक जिला बनता हैँ... स्पीति की सीमा के बारे मे बताया अब लाहौल की सीमा के बारे मे बताता हूँ...काज़ा- मनाली हाईवे पर कुंज़ूम पास से लाहौल की सीमा शुरू होती हैँ और ये हाईवे पर पड़ने वाले गाँव बातल, छत्रु, ग्राफू होते हुए मनाली वाले हाईवे पर मिलती हैँ....ये एक सीमा हैँ... दूसरी जब हम मनाली से लेह की तरफ जाते हैँ तो जैसे ही हम अटल सुरंग पार करेंगे वहा से लाहौल शुरू हो जाता हैँ और लेह जाते हुए एक जगह आती हैँ "सरचू" वहा तक इसकी सीमा हैँ... सरचू, हिमाचल और लेह को आपस मे भी विभाजित करता हैँ.. मतलब सरचू तक हिमाचल सीमा और उसके आगे लेह लद्दाक शुरू हो जाता हैँ...लाहौल का मुख्यालय " केलोंग" हैँ...
जब अटल सुरंग पार करते हैँ तब लाहौल मे सिसू, धारचा, केलोंग, जिस्पा, सूरज ताल, बरालाचा पास आते हैँ... कुंजूम पास अटल सुरंग बन ने से अलग रास्ते पर आता हैँ ये पास भी लाहौल मे आता हैँ...
स्पीति सर्किट...
ये सर्किट मनाली और शिमला दोनों तरफ से होता हैँ... या तो मनाली से कुंज़ूम पास, काज़ा, ताबो, नाको, होते हुए शिमला आ सकते हैँ या इसको शिमला से इसी रास्ते कर सकते हैँ... ये सर्किट कुंज़ूम पास पर अत्यधिक बर्फ होने के कारण अक्टूबर लास्ट से मई मध्य तक बंद कर दिया जाता हैँ... और मई मध्य से अक्टूबर तक खुला रहता हैँ.. ये भी देखना होता हैँ की बर्फ कितनी हैँ उसी हिसाब से तारीख कोई फिक्स नहीं हैँ....
आप सर्दियों मे मनाली से चंद्रताल झील तक आ सकते हैँ ये झील लाहौल मे आती हैँ... और शिमला की तरफ से काज़ा तक आ सकते हैँ... लेकिन बहुत ज्यादा अगर बर्फ होती हैँ तो ये रास्ता भी अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाता हैँ... अत्यधिक बर्फ मे या ज्यादा सर्दियों मे केवल यहॉ 4×4 गा
Comments
Post a Comment